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मंगलवार, 9 सितंबर 2014

Jokes_Chutkule_Latife

गुदगुदाते, चुटीले और मजेदार चुटकुले

शर्मा जी जंगल के रास्ते अपने घर जा रहे थे। रास्ते में एक चुडै़ल ने उसका रास्ता रोका और बोली- हा हा हा मैं चुडैल हूं।
शर्मा जी- मुझे मालूम है और तेरी एक बहन मेरे घर पर है।

बहुत देर से छोटे कद का बच्चा डोरबेल बजाने की कोशिश कर रहा था। तभी वहां से एक आदमी गुजरा और उसने बच्चे को बेल बजाने की कोशिश करते देखा। मदद के लिए उसने बेल बजा दी और बच्चे से पूछा, और कुछ?
बच्चा बोला- अब भागो।

डेडी: बेटा, आजकल में देख रहा हूँ कि जब भी में तुम्हारी पिटाई लगाता हूँ तो तुम कोई प्रतिक्रिया ही नहीं करते, कैसे अपना गुस्सा कंट्रोल करते हो तुम?
बेटा: में तुरंत जाकर टॉयलेट साफ करने लगता हूँ।
डेडी: इससे गुस्सा शांत करने में कैसे मदत मिलती हैं।
बेटा: वो ऐसे कि में, टॉयलेट की सफ़ाई के लिए आपका टूथ ब्रश इस्तेमाल करता हूँ।

जानवरों की विशेषताएं -:
बन्दर - बुद्धिमान
कुत्ता – वफादार


आप कृपया इससे आगे मत पढ़ना …
…
मान जाओ …
मत पढ़ो …
…
गधा – वही करता है जिस काम को मना करो …. !

एक शर्मिला लड़का एक लड़की से शादी करना चाहता था पर उससे कह नहीं पाता था।
आखिरकार उसने फुसफुसाकर कहा: क्या तुम अपनी चिता में मेरे हाथ से आग लगवाना पसंद करोगी।


बिल देखकर मरीज भड़क गया। वह बोला: डॉक्टर साहब , आपने ऐसा बिल बना दिया है कि मेरा ब्लड प्रेशर बढ़ गया है।
डॉक्टर: उसका भी इलाज है। पांच सौ रुपये लगेंगे।


बीवी: किचन से अजी सुनते हो आजकल में खुबसूरत होती जा रही हूं।
संता: तुम्हे कैसे लगा।
बीवी: आजकल मेरी खुबसूरती देखकर रोटियां भी जलने लगी हैं।

संता: जब मैं अच्छे कपड़े पहनकर सब्जी लेने जाता हूं तो महंगी सब्जी मिलती है और गंदे कपड़े पहनकर जाता हूं तो सस्ती मिलती है।
संता की बीवी: एक काम करो , कल से फटे कपड़े पहनकर जाया करो , फ्री में मिलेगी।


प्रीति ने कहा- रामू,आज तुमने बहुत कीमती फूलदान तो़ड दिया। आज के बाद ऎसी गलती की तो मार मार कर सिर गंजा कर दूंगी। समझे ?
रामू- जी समझ गया।
प्रीति- क्या समझे ?
रामू- यही कि मालिक भी किसी ऎसी ही गलती का अंजाम भुगत रहे हैं।


संता और बंता शिकार खेलने के लिए निकले। वे घने जंगल से गुजर रहे थे कि अचानक एक शेर उनके सामने आ गया।
शेर ने दोनों को देखा और फिर न जाने क्या सोच कर चुपचाप वहां से चला गया।
डरते डरते बंता बोला: संता तू आगे जाकर देख कि शेर कहां गया है और मैं पीछे जाकर देखता हूं कि शेर कहां से आया था।

एक नए ऐक्टर को फिल्म में पागल का रोल मिला। उत्साह से भरा वह डायरेक्टर के पास पहुंचा और बोला: सर , मैं इस रोल में जान फूंक देना चाहता हूं।
डायरेक्टर बोला: ऐसा हो सकता है। तुम्हें कुछ करने की जरूरत नहीं। बस जैसे हो वैसे ही दिखते रहो।


संता एक दिन कुछ ज्यादा ही पी गया। उसे भूख लगी तो एक रेस्त्रां में चला गया। बैरा आया। संता ने ऑर्डर दिया।
आधा घंटे बाद बिल मांगा। बैरा बिल ले आया। संता ने बिल अदा कर दिया। बैरा फिर आकर खड़ा हो गया।
संता: अब क्या है। बिल अदा कर दिया,टिप भी मिल गई।
बैरा: साहब अब खाना ले आऊं।


बारिश की
एक बूंद – आपको खुशी दे …
दो बूंद – हंसी दे …
तीन बूंद – तंदुरुस्ती दे …
चार बूंद – कामयाबी दे …
पांच बूंद – …
…
बस कर यार वरना सर्दी हो जायेगी … !

संता (बंता से) : यार लग रहा है मुझे बर्ड फ्लू हो गया है।
बंता (संता से) : तुझे कैसे पता ?
संता : यार मेरा कल से उड़ने का मन कर रहा है।


समोसा ने आलू से कहा: जब मैं फ्राय होता हूं तो तुम्हें कवर कर करके गरम तेल से बचा लेता हूं। क्योंकि मैं तुम्हें प्यार करता हूं।
आलू: जब लोग तुम्हें फोड़ कर खाते हैं तो मैं उनक मुंह जला देता हूं। क्योंकि आई लव यू टू।
मॉरल ऑफ स्टोरी: इनकी लव स्टोरी पर न जाएं समोसा ठंडा करके खाएं

संता: बचपन में मां की बात सुनी होती तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता।
जज: क्या कहती थी मां?
संता: जब बात ही नहीं सुनी तो कैसे बताऊं क्या कहती थी।


एक खरगोश रोज़ लौहार की दुकान पर जाकर कहता था: गाजर है।
लौहार इंकार कर देता।
एक दिन लौहार को गुस्सा आया और उसने खरगोश के दांत तोड़ दिए।
फिर
फिर क्या।
अगले दिन खरगोश फिर आया और बोला: गाजर का जूस है क्या।

रेल के डिब्बे में एक सज्जन ने अपने सामने वाले व्यक्ति को चुपचाप बैठे देखकर बातचीत करने के इरादे से कहा- भाई साहब आपका रूमाल नीचे गिर गया है।
इस पर उस व्यक्ति ने कहा- मेरा रूमाल गिर गया है, इससे आपको क्या मतलब? आपका कोट सिगरेट से जल रहा है, पर मैंने तो कुछ नहीं कहा

बांकेलाल - यार मैं सोचता था कि इस दुनिया में सिर्फ मैं ही उल्लू हूं।
प्यारेलाल - क्यों क्या हुआ?
बांकेलाल - कल मैंने अपनी पत्नी को कश्मीरी सेब लाने को कहा था।
प्यारेलाल - तो क्या हुआ?
बांकेलाल - आज कश्मीर से फोन आया कि उसने सेब खरीद लिए है।

डॉक्टर: सौरी,मैं आपके पति का इलाज नहीं कर सकता।
पत्नी: क्यूं।
डॉक्टर: क्यूंकि मैं घोड़ों का डॉक्टर हूं।
पत्नी: तभी तो मैं आपके पास आई हूं,क्योंकि यह नींद में लात मारते हैं।


मोटू सेठ डॉक्टर से- ‘वज़न कम करने का कोई उपाय बताइए।
डॉक्टर- ‘365 दिन तक रोज़ सुबह 8 किमी. दौड़ लगाओगे तो ही वज़न कम हो पाएगा।
365 दिन बाद मोटू सेठ डॉक्टर को फोन पर- ‘बड़ी मुसीबत में फंस गया हूं डॉक्टर साहब।
डॉक्टर- ‘क्यों, वज़न कम नहीं हुआ क्या?
मोटू सेठ- ‘वज़न तो कम हो गया, लेकिन रोज़ 8 किमी. दौड़ते-दौड़ते मैं अपने घर से 3000 किमी. दूर पहुंच गया हूं। अब घर कैसे आऊं?’


एक आदमी फिल्म ‘धूम-2’ देखने सिनेमा हॉल गया। जब फिल्म खत्म हुई, तो सारे लोग हॉल से बाहर आ गए, लेकिन वह आदमी आराम से अपने सीट पर बैठा रहा। थोड़ी देर बाद सिक्योरिटी गार्ड आए और उससे पूछा, ‘अभी तक बाहर क्यों नहीं गए।’
जवाब में वह आदमी कहता है, ‘फिल्म के अंत में कहा गया था कि धूम-3 जल्दी ही आ रही है। बस उसी का इंतज़ार कर रहा हूं।’

बंता: ट्रक को देखकर तुम कांपते क्यूं हो।
संता: एक ट्रक डाईवर मेरी बीवी लेकर भाग गया था, हर बार लगता है कि जैसे उसको वापस करने तो नहीं आया है।

संता बंता पेपर देने के बाद लड़ रहे थे।
सर: तुम लोग क्यूं लड़ रहे हो।
संता: यह पागल पेपर खाली छोड़ कर आया है।
सर: तो क्या हुआ।
संता: क्यूंकि मैं भी तो पेपर खाली छोड़ कर आया हूं,अब टीचर को लगेगा कि हम दोनों ने नकल की है।

तीन चींटी रास्ते में बैठकर बातें कर रही थीं कि अचानक उस रास्ते से हाथी गुजरता हैं।
वहां बैठी एक चींटी हाथी से बोली- ऎ हाथी मुझसे कुश्ती लडोंगे।
बाकी चींटियां- अरे रहने दो यार बेचारा अकेला हैं।

हैरी: डॉक्टर ने कहां था कि वो दो हफ्तो में मुझे पैरों पर खड़ा कर देगा।
चैरी: अच्छा क्या वो ऐसा कर पाया।
हैरी: हा उसका बिल चुकाने के लिए मुझे अपनी कार जो बेचनी पड़ी।


बस बहुत देर से स्टैण्ड में ही खडी थी, एक यात्री ने तंग आकर बस ड्राइवर से कहा क्यों भाई, ये खटारा कब चलेगी ?
ड्राइवर- जब कचरा भर जाएगा।

तुम इस लड़की को जानते हो ?
हां , कभी मैं इसके साथ सोया करता था
अच्छा ! कब ? कहां ?
जब मैं स्कूल में पढ़ता था , साइंस की क्लास में !

संता ने चैलेंज किया कि वह कुतुब मीनार को सिर पर रख कर मुंबई ले जा सकता है।
इस पर सारी मीडिया वहां पहुंच गई।
तब संता ने मीडिया से कहा: बस कोई कुतुब मीनार उठा के उसके सिर पर रख दे।

एक ट्रेन बहुत देर बाद चली।
मुस्लिम बोला: या अली बला टाली।
हिंदु बोला: जय बजरंग बली।
फनी सरदार बोला: अरे अली और बली, ट्रेन अपनी नहीं, साथ वाली चलीं।

सोनू : मां , क्या परी आकाश में उड़ती है ?
मां : हां बेटा।
सोनू : तो अपनी कामवाली क्यों नहीं उड़ती ?
मां : बेटा , वह परी नहीं है।
सोनू : लेकिन पापा तो उसे परी कहते हैं।
मां : कोई बात नहीं , कल सुबह उड़ जाएगी।

मम्मी(श्याम से)- तुम रो क्यों रहे हो ?
श्याम- मेरे मास्टर जी बहुत बीमार थे, वह....
मम्मी- क्या वे मर गए?
श्याम- नही, वे ठीक हो गए है, कल से स्कूल आने वाले है।

एक पोल्ट्री फॉर्म का मालिक एक दिन फॉर्म में बोला,कल से सबको दो - दो अंडे देने है जो नहीं देगा उसे मैं काट डालूंगा।
अगली सुबह सब मुर्गियों ने दो - दो अंडे दिए मगर एक ने सिर्फ एक ही अंडा दिया। मालिक ने इसकी वजह पूछी तो जवाब मिला,जनाब , यह भी आपके डर से दिया है वरना मैं तो मुर्गा हूं।

मंगलवार, 26 नवंबर 2013

हँसना जरुरी है

रामप्यारी (ताऊ से)- जब आप तेजी से कार चलाते हुए टर्निग लेते हो तो मुझे डर लगता है कि कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए।
ताऊ (रामप्यारी से)- बेवकूफ , ऐसे मौकों पर तुम डरो मत मेरी तरह तुम भी चुपचाप आंखें बंद कर लिया करो।

ताऊ मस्ती के मूड में थे, पहुँच गए डाक्टर के पास ।
ताऊ (डॉक्टर से)- डॉक्टर साहब, मुझे एक समस्या है।
डॉक्टर (ताऊ से)- क्या?
ताऊ- मुझे बात करते वक्त आदमी दिखाई नहीं देता।
डॉक्टर- ऐसा कब होता है?
ताऊ- जब-जब मैं फोन पर बात करता हूं।


बेटा (बाप से)- पापा मैं इतना बड़ा कब हो जाऊगा कि मम्मी से बिना पूछे कही जा सकूं ।
बाप (बेटे से)- इतना बड़ा तो मैं भी अभी नहीं हुआ हूं।

एक दिन मैं एक दुकान में गया। कभी कोई चीज उठाता, उसे देखता फिर उसेरखकर दूसरी चीज उठा लेता। कुछ पूछताछ भी की दुकानदार से , लेकिन कुछखरीदा नहीं।
काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया तो झुंझलाकर दुकानदार ने पूछा- श्रीमानजी,आखिर आपको चाहिए क्या?
मौका! मैंने जवाब दिया।

एक बार , मैं टिकेट की लाइन में लगा हुआ था तभी एक हट्टा-तगड़ा सरदारआता है और मुझे हटने के लिए कहता है .
मैं -मैं क्यों हटू ?
सरदार -हट जा नहीं तो ..
मैं - नहीं तो क्या ?
(सरदार मुझे एक झापड़ मार देता है)
मैं - सरदार जी, आपने ये झापड़ मजाक में तो नहीं मारा है ना ?
सरदार -नहीं ?
मैं - ठीक है ,तब कोई बात नहीं .
सरदार -तुम ऐसा क्यों पूछ रहे ?
मैं - क्योंकि मुझे मजाक पसंद नहीं .

एक दिन वही सरदार जी मुझे मिल गए एक ऊँचे पहाड़ के ऊपर बैठकर पढाई कररहे थे .
मैंने , उनसे पुछा, -'' क्या कर रहे हो ?''
सरदार जी ने जवाब दिया, '' हायर स्टडीज ''

मैं (एक दिन ) - ऐसी जिंदगी से तो मौत अच्छी ....
अचानक यमदूत आ गए..और बोले.. तुम्हारी जान लेने का हुक्म है।
मैं - लो बताओ, अब इंसान मजाक भी नही कर सकता है क्या...?

अपने वकील साहब (चोर से)- क्या तुमने चोरी की थी ?
चोर (वकील साहब से)- जी साहब।
वकील साहब- यह बताओ कि तुमने चोरी कैसे की ?
चोर- रहने दीजिए वकील साहब, अब इस उम्र में आप चोरी के गुण सीखकर क्या करेंगे!

टीचर (रामप्यारी से)- तुम मेरी कक्षा में सो नहीं सकती ।
रामप्यारी (टीचर से)- सर, सो तो सकती हूं अगर आप जोर से ना बोलें।

छुटपुट चुटकुले


राज जी (ताऊ से)- शादी में दूल्हे के साथ बाराती क्यों जाते हैं?
ताऊ - क्योंकि बड़े कहते हैं कि किसी की खुशी में जाओ या न जाओ पर मुसीबत में जरूर जाना चाहिए।


ताऊ (डॉक्टर से)- मुझे अजीब सी बीमारी हो गयी है.. जब मेरी बीवी (ताई ) बोलती है तो मुझे कुछ सुनाई नही देता..
डॉक्टर- ये बीमारी नही खुदा की नियामत है


ज्ञान जी ने आने वाले से पूछा, " क्या तुम्हें पता नही कि आज्ञा के बिना अन्दर आना मना है।"
आने वाला, "जनाब मैं आज्ञा लेने के लिए ही अन्दर आया हूं।"

यात्री (मुझसे )- तुमने मेरी जेब में हाथ क्यों डाला?
मैं - मुझे माचिस चाहिए थी। यात्री- तुम मुझसे मांग सकते थे।
मैं - मैं अजनबियों से बात नही करता


सुरेन्द्र जी को उनके दोस्त ने खाने पर बुलाया।
सुरेन्द्र जी जब दोस्त के घर गए तो घर पर ताला लगा था, और लिखा था मैंने तुमको बेवकूफ बनाया।
सुरेन्द्र जी ने होशियारी दिखायी और नीचे लिख दिया, मैं तो आया ही नही था।

सुरेन्द्र जी की पत्नी (सुरेन्द्र जी से)- तुम्हें मेरी कौन सी बात सबसे अच्छी लगती है, मेरी खूबसूरती या मेरी समझदारी।
सुरेन्द्र जी - मुझे तुम्हारी ये मजाक करने की आदत बहुत अच्छी लगती है


अध्यापिका - रामप्यारी ! तुम्हारा सारा होमवर्क गलत है।
आखिर इसका क्या कारण है??
रामप्यारी - जी, कारण तो ताऊ ही बता सकते है

अध्यापक ने रामप्यारी से कहा, मैने कल तुम्हें जो हिंन्दी मे पाठ पढाया था, उसे सुनाओ ।
रामप्यारी - टीचर जी , आता नही है। इस पर अध्यापक ने कहा, नही आता तो ऐसा करो जो आता है वही सुनाओ।
रामप्यारी बोली - मुझे तो गाना आता है वही सुना दूँ ?

हँसना मना है


एक लेखपाल जी थे , उनसे नायब साहब ने राजस्व रिपोर्ट मांगी थी ३१ मार्च से पहले । ३० मार्च को भी लेखपाल जी आराम कर रहे थे , रिपोर्ट बनाना शुरू ही नही किए थे ।
नायब साहब ने पूछा - लेखपाल जी रिपोर्ट बन गई ?
लेखपाल जी बोले - हाँ साहब , रहा काम थोड़ा जीन-लगाम-घोड़ा ।

दर्शनशास्त्र के क्लास में प्रोफेसर ने छात्रों से पूछा, आपकी नजर में वास्तविक और निष्ठावान आशावादी कौन है?
एक छात्र ने उत्तर दिया, सर! वह व्यक्ति जो सालों से गंजा है लेकिन जेब में कंघा लिए घूमता है।

एक आदमी अपने मित्र से कह रहा था- मैं बूढ़ा होता जा रहा हूं। जिस तरह लोग मुझसे बातें करते हैं, इससे तो यही अंदाजा होता है।
यह सुनकर उसके मित्र ने तसल्ली देते हुए कहा- तुम बूढ़े नहीं हो। अच्छा यह बताओ कि लोग तुमसे किस अंदाज से बातें करते हैं।
उस आदमी का उत्तर था- पहले वे मुझसे कहा करते थे कि आप शादी क्यों नहीं कर लेते और अब कहते हैं कि आपने शादी क्यों नहीं की?

बस स्टैंड पर खड़े एक युवक ने एक सुंदर युवती से कहा, मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मैंने आपको पहले भी कहीं देखा है और आपसे बाते भी की है।
युवती मुस्कराई और मीठे स्वर बोली, मुझे विश्वास है कि आपका विश्वास सही है क्योंकि मैं पागलखाने में नर्स हूं।

कॉलेज के पहले दिन, प्राचार्य महोदय ने छात्रों को कॉलेज के नियम समझाये- कोई भी लड़का लड़कियों के हॉस्टल में नही जा सकेगा। इसी प्रकार कोई भी लड़की लड़कों के हॉस्टल में नहीं जा सकती। इस नियम का उल्लंघन करने पर पहली बार 100 रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा।
दूसरी बार पकड़े जाने पर 200 रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा। इसी प्रकार यदि तीसरी बार पकड़े गये तो 1000 रुपये जुर्माना अदा करना होगा। किसी को इस बारे में कुछ पूछना है?
एक लड़के ने हाथ उठाया और पूछा, पूरे एक सत्र के लिए क्या देना होगा सर?


सुरेन्द्र जी (पत्नी से)- अगर मैं मर जाऊं तो तुम क्या करोगी ?
पत्नी (सुरेन्द्र जी से)- वही अगर जो मैं मर जाऊं तो आप करते।
सुरेन्द्र जी (पत्नी से)-मुझे मालूम था तुम दोबारा शादी किए बिना नहीं रहोगी।

कॉलेज में एक बड़ी उम्र की लड़की ने दाखिला लिया तो सारे लड़के-लड़कियों ने उसे मौसी कहना शुरू कर दिया। कुछ दिनों तक तो उस बेचारी ने सहन किया। अंत में उसने तंग आकर प्रिंसिपल से शिकायत की।
प्रिंसिपल को बड़ा क्रोध आया तो क्लास रूम में पहुंचे और बोले- जो भी इसे मौसीकहता है वह तुरन्त खड़ा हो जाये।
एक-एक करके सारी क्लास खड़ी हो गयी। केवल एक लड़का बैठा रहा। प्रिंसिपल ने बड़ी हैरानी के साथ उस लड़के से पूछा- क्यों भई! तुम इसे मौसी नहीं कहते?
लड़के ने ठंडी सांस भरकर कहा- सर! मैं सारी क्लास का मौसा हूं।

हँसना मना है



ताऊ को कई दिन से धमकी भरे फ़ोन मिल रहे थे , तो उन्होंने इस बारे में पुलिस को बताना ठीक समझा .
ताऊ (पुलिस से)- मुझे फोन पर धमकियां मिल रही है।
पुलिस (ताऊ से)- कौन है जो आपको धमकियां दे रहा है?
ताऊ (पुलिस से)-टेलीफोन वाले बोल रहे हैं बिल नहीं भरोंगे तो काट दूंगा।

एक दिन एक भिखारी ताऊ को मिल गया
भिखारी (ताऊ से)- पचास पैसे दे दो भैया, मैंने तीन दिन से खाना नहीं खाया है।
ताऊ (भिखारी से)- दस रुपये दूंगा, पहले ये तो बता पचास पैसे में खाना कहां मिलता है।

एक दिन राज जी ने ताऊ से पूछा
राज जी (ताऊ से)- अगले जन्म में तुम किस रूप में पैदा होना चाहोगे?
ताऊ (राज जी से)- कॉकरोच बनकर।
राज जी - वो क्यूं?
ताऊ - क्योंकि मेरी पत्नी(ताई ) केवल कॉकरोच से ही डरती है।


रामप्यारी को तो आप जानते ही पढ़ने में तो उसका मन लगता ही पर दिमाग बहुत चलता है .
मास्टर (रामप्यारी से )- मेरे एक प्रश्न का उत्तर दो, बताओ अंडा पहले आया था या मुर्गी?
रामप्यारी (मास्टर से)- अंडा
मास्टर (रामप्यारी से)- कैसे बताओ?
रामप्यारी (मास्टर से)- सर, यह तो दूसरा प्रश्न पूछ डाला।

सुरेंद्र जी तो आप को याद ही होंगे वो इलाहबाद से रायबरेली वाले , उनकी पत्नी ने उनसे पूछा
पत्नी (सुरेंद्र जी से)- अगर मैं मर जांऊ तो क्या तुम्हें बहुत दुख होगा?
सुरेंद्र जी (पत्नी से)- हां, दुख तो होगा ही।
पत्नी (सुरेंद्र जी से)- क्या तुम कभी-कभी मेरी कब्र पा आया करोगे?
सुरेंद्र जी (पत्नी से)-कभी-कभी क्यों रोज ही आया करूंगा। कब्रिस्तान मेरे दफ्तर के पास ही तो पड़ता है।

एक दिन रात को सुरेन्द्र जी अकेले घर जा रहे थे, रास्ते में पुलिसवाला मिल गया .
पुलिस (सुरेन्द्र जी से)- रात के 1 बजे तुम कहां जा रहे हो?
सुरेन्द्र जी (पुलिस से)- मैं शराब पीने के दुष्परिणाम पर भाषण सुनने जा रहा हूं।
पुलिस (सुरेन्द्र जी से)-इतनी रात मैं तुम्हे कौन भाषण देगा?
सुरेन्द्र जी (पुलिस से)- मेरी बीवी।

एक दिन रास्ते में दिवेदी जी (वकील साहब ) को एक भिखारी मिल गया .
भिखारी (वकील साहब से)- बाबू कुछ पैसे दे दो।
वकील साहब (भिखारी से)- अरे भई, मोटे तगड़े हो, कुछ काम क्यों नहीं करते?
भिखारी (वकील साहब से)- मैंने पैसे मांगे है, सलाह नहीं।


एक दिन बस में
मैं (जेबकतरे को)- तुम्हें शर्म नही आती, मेरी जेब काटते हो?
जेबकतरा (मुझसे से)- शर्म तो आपको आनी चाहिए जेब में एक पैसा भी नही रखते।