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मंगलवार, 26 नवंबर 2013

हँसना जरुरी है

रामप्यारी (ताऊ से)- जब आप तेजी से कार चलाते हुए टर्निग लेते हो तो मुझे डर लगता है कि कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए।
ताऊ (रामप्यारी से)- बेवकूफ , ऐसे मौकों पर तुम डरो मत मेरी तरह तुम भी चुपचाप आंखें बंद कर लिया करो।

ताऊ मस्ती के मूड में थे, पहुँच गए डाक्टर के पास ।
ताऊ (डॉक्टर से)- डॉक्टर साहब, मुझे एक समस्या है।
डॉक्टर (ताऊ से)- क्या?
ताऊ- मुझे बात करते वक्त आदमी दिखाई नहीं देता।
डॉक्टर- ऐसा कब होता है?
ताऊ- जब-जब मैं फोन पर बात करता हूं।


बेटा (बाप से)- पापा मैं इतना बड़ा कब हो जाऊगा कि मम्मी से बिना पूछे कही जा सकूं ।
बाप (बेटे से)- इतना बड़ा तो मैं भी अभी नहीं हुआ हूं।

एक दिन मैं एक दुकान में गया। कभी कोई चीज उठाता, उसे देखता फिर उसेरखकर दूसरी चीज उठा लेता। कुछ पूछताछ भी की दुकानदार से , लेकिन कुछखरीदा नहीं।
काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया तो झुंझलाकर दुकानदार ने पूछा- श्रीमानजी,आखिर आपको चाहिए क्या?
मौका! मैंने जवाब दिया।

एक बार , मैं टिकेट की लाइन में लगा हुआ था तभी एक हट्टा-तगड़ा सरदारआता है और मुझे हटने के लिए कहता है .
मैं -मैं क्यों हटू ?
सरदार -हट जा नहीं तो ..
मैं - नहीं तो क्या ?
(सरदार मुझे एक झापड़ मार देता है)
मैं - सरदार जी, आपने ये झापड़ मजाक में तो नहीं मारा है ना ?
सरदार -नहीं ?
मैं - ठीक है ,तब कोई बात नहीं .
सरदार -तुम ऐसा क्यों पूछ रहे ?
मैं - क्योंकि मुझे मजाक पसंद नहीं .

एक दिन वही सरदार जी मुझे मिल गए एक ऊँचे पहाड़ के ऊपर बैठकर पढाई कररहे थे .
मैंने , उनसे पुछा, -'' क्या कर रहे हो ?''
सरदार जी ने जवाब दिया, '' हायर स्टडीज ''

मैं (एक दिन ) - ऐसी जिंदगी से तो मौत अच्छी ....
अचानक यमदूत आ गए..और बोले.. तुम्हारी जान लेने का हुक्म है।
मैं - लो बताओ, अब इंसान मजाक भी नही कर सकता है क्या...?

अपने वकील साहब (चोर से)- क्या तुमने चोरी की थी ?
चोर (वकील साहब से)- जी साहब।
वकील साहब- यह बताओ कि तुमने चोरी कैसे की ?
चोर- रहने दीजिए वकील साहब, अब इस उम्र में आप चोरी के गुण सीखकर क्या करेंगे!

टीचर (रामप्यारी से)- तुम मेरी कक्षा में सो नहीं सकती ।
रामप्यारी (टीचर से)- सर, सो तो सकती हूं अगर आप जोर से ना बोलें।

छुटपुट चुटकुले


राज जी (ताऊ से)- शादी में दूल्हे के साथ बाराती क्यों जाते हैं?
ताऊ - क्योंकि बड़े कहते हैं कि किसी की खुशी में जाओ या न जाओ पर मुसीबत में जरूर जाना चाहिए।


ताऊ (डॉक्टर से)- मुझे अजीब सी बीमारी हो गयी है.. जब मेरी बीवी (ताई ) बोलती है तो मुझे कुछ सुनाई नही देता..
डॉक्टर- ये बीमारी नही खुदा की नियामत है


ज्ञान जी ने आने वाले से पूछा, " क्या तुम्हें पता नही कि आज्ञा के बिना अन्दर आना मना है।"
आने वाला, "जनाब मैं आज्ञा लेने के लिए ही अन्दर आया हूं।"

यात्री (मुझसे )- तुमने मेरी जेब में हाथ क्यों डाला?
मैं - मुझे माचिस चाहिए थी। यात्री- तुम मुझसे मांग सकते थे।
मैं - मैं अजनबियों से बात नही करता


सुरेन्द्र जी को उनके दोस्त ने खाने पर बुलाया।
सुरेन्द्र जी जब दोस्त के घर गए तो घर पर ताला लगा था, और लिखा था मैंने तुमको बेवकूफ बनाया।
सुरेन्द्र जी ने होशियारी दिखायी और नीचे लिख दिया, मैं तो आया ही नही था।

सुरेन्द्र जी की पत्नी (सुरेन्द्र जी से)- तुम्हें मेरी कौन सी बात सबसे अच्छी लगती है, मेरी खूबसूरती या मेरी समझदारी।
सुरेन्द्र जी - मुझे तुम्हारी ये मजाक करने की आदत बहुत अच्छी लगती है


अध्यापिका - रामप्यारी ! तुम्हारा सारा होमवर्क गलत है।
आखिर इसका क्या कारण है??
रामप्यारी - जी, कारण तो ताऊ ही बता सकते है

अध्यापक ने रामप्यारी से कहा, मैने कल तुम्हें जो हिंन्दी मे पाठ पढाया था, उसे सुनाओ ।
रामप्यारी - टीचर जी , आता नही है। इस पर अध्यापक ने कहा, नही आता तो ऐसा करो जो आता है वही सुनाओ।
रामप्यारी बोली - मुझे तो गाना आता है वही सुना दूँ ?

हँसना मना है


एक लेखपाल जी थे , उनसे नायब साहब ने राजस्व रिपोर्ट मांगी थी ३१ मार्च से पहले । ३० मार्च को भी लेखपाल जी आराम कर रहे थे , रिपोर्ट बनाना शुरू ही नही किए थे ।
नायब साहब ने पूछा - लेखपाल जी रिपोर्ट बन गई ?
लेखपाल जी बोले - हाँ साहब , रहा काम थोड़ा जीन-लगाम-घोड़ा ।

दर्शनशास्त्र के क्लास में प्रोफेसर ने छात्रों से पूछा, आपकी नजर में वास्तविक और निष्ठावान आशावादी कौन है?
एक छात्र ने उत्तर दिया, सर! वह व्यक्ति जो सालों से गंजा है लेकिन जेब में कंघा लिए घूमता है।

एक आदमी अपने मित्र से कह रहा था- मैं बूढ़ा होता जा रहा हूं। जिस तरह लोग मुझसे बातें करते हैं, इससे तो यही अंदाजा होता है।
यह सुनकर उसके मित्र ने तसल्ली देते हुए कहा- तुम बूढ़े नहीं हो। अच्छा यह बताओ कि लोग तुमसे किस अंदाज से बातें करते हैं।
उस आदमी का उत्तर था- पहले वे मुझसे कहा करते थे कि आप शादी क्यों नहीं कर लेते और अब कहते हैं कि आपने शादी क्यों नहीं की?

बस स्टैंड पर खड़े एक युवक ने एक सुंदर युवती से कहा, मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मैंने आपको पहले भी कहीं देखा है और आपसे बाते भी की है।
युवती मुस्कराई और मीठे स्वर बोली, मुझे विश्वास है कि आपका विश्वास सही है क्योंकि मैं पागलखाने में नर्स हूं।

कॉलेज के पहले दिन, प्राचार्य महोदय ने छात्रों को कॉलेज के नियम समझाये- कोई भी लड़का लड़कियों के हॉस्टल में नही जा सकेगा। इसी प्रकार कोई भी लड़की लड़कों के हॉस्टल में नहीं जा सकती। इस नियम का उल्लंघन करने पर पहली बार 100 रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा।
दूसरी बार पकड़े जाने पर 200 रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा। इसी प्रकार यदि तीसरी बार पकड़े गये तो 1000 रुपये जुर्माना अदा करना होगा। किसी को इस बारे में कुछ पूछना है?
एक लड़के ने हाथ उठाया और पूछा, पूरे एक सत्र के लिए क्या देना होगा सर?


सुरेन्द्र जी (पत्नी से)- अगर मैं मर जाऊं तो तुम क्या करोगी ?
पत्नी (सुरेन्द्र जी से)- वही अगर जो मैं मर जाऊं तो आप करते।
सुरेन्द्र जी (पत्नी से)-मुझे मालूम था तुम दोबारा शादी किए बिना नहीं रहोगी।

कॉलेज में एक बड़ी उम्र की लड़की ने दाखिला लिया तो सारे लड़के-लड़कियों ने उसे मौसी कहना शुरू कर दिया। कुछ दिनों तक तो उस बेचारी ने सहन किया। अंत में उसने तंग आकर प्रिंसिपल से शिकायत की।
प्रिंसिपल को बड़ा क्रोध आया तो क्लास रूम में पहुंचे और बोले- जो भी इसे मौसीकहता है वह तुरन्त खड़ा हो जाये।
एक-एक करके सारी क्लास खड़ी हो गयी। केवल एक लड़का बैठा रहा। प्रिंसिपल ने बड़ी हैरानी के साथ उस लड़के से पूछा- क्यों भई! तुम इसे मौसी नहीं कहते?
लड़के ने ठंडी सांस भरकर कहा- सर! मैं सारी क्लास का मौसा हूं।

हँसना मना है



ताऊ को कई दिन से धमकी भरे फ़ोन मिल रहे थे , तो उन्होंने इस बारे में पुलिस को बताना ठीक समझा .
ताऊ (पुलिस से)- मुझे फोन पर धमकियां मिल रही है।
पुलिस (ताऊ से)- कौन है जो आपको धमकियां दे रहा है?
ताऊ (पुलिस से)-टेलीफोन वाले बोल रहे हैं बिल नहीं भरोंगे तो काट दूंगा।

एक दिन एक भिखारी ताऊ को मिल गया
भिखारी (ताऊ से)- पचास पैसे दे दो भैया, मैंने तीन दिन से खाना नहीं खाया है।
ताऊ (भिखारी से)- दस रुपये दूंगा, पहले ये तो बता पचास पैसे में खाना कहां मिलता है।

एक दिन राज जी ने ताऊ से पूछा
राज जी (ताऊ से)- अगले जन्म में तुम किस रूप में पैदा होना चाहोगे?
ताऊ (राज जी से)- कॉकरोच बनकर।
राज जी - वो क्यूं?
ताऊ - क्योंकि मेरी पत्नी(ताई ) केवल कॉकरोच से ही डरती है।


रामप्यारी को तो आप जानते ही पढ़ने में तो उसका मन लगता ही पर दिमाग बहुत चलता है .
मास्टर (रामप्यारी से )- मेरे एक प्रश्न का उत्तर दो, बताओ अंडा पहले आया था या मुर्गी?
रामप्यारी (मास्टर से)- अंडा
मास्टर (रामप्यारी से)- कैसे बताओ?
रामप्यारी (मास्टर से)- सर, यह तो दूसरा प्रश्न पूछ डाला।

सुरेंद्र जी तो आप को याद ही होंगे वो इलाहबाद से रायबरेली वाले , उनकी पत्नी ने उनसे पूछा
पत्नी (सुरेंद्र जी से)- अगर मैं मर जांऊ तो क्या तुम्हें बहुत दुख होगा?
सुरेंद्र जी (पत्नी से)- हां, दुख तो होगा ही।
पत्नी (सुरेंद्र जी से)- क्या तुम कभी-कभी मेरी कब्र पा आया करोगे?
सुरेंद्र जी (पत्नी से)-कभी-कभी क्यों रोज ही आया करूंगा। कब्रिस्तान मेरे दफ्तर के पास ही तो पड़ता है।

एक दिन रात को सुरेन्द्र जी अकेले घर जा रहे थे, रास्ते में पुलिसवाला मिल गया .
पुलिस (सुरेन्द्र जी से)- रात के 1 बजे तुम कहां जा रहे हो?
सुरेन्द्र जी (पुलिस से)- मैं शराब पीने के दुष्परिणाम पर भाषण सुनने जा रहा हूं।
पुलिस (सुरेन्द्र जी से)-इतनी रात मैं तुम्हे कौन भाषण देगा?
सुरेन्द्र जी (पुलिस से)- मेरी बीवी।

एक दिन रास्ते में दिवेदी जी (वकील साहब ) को एक भिखारी मिल गया .
भिखारी (वकील साहब से)- बाबू कुछ पैसे दे दो।
वकील साहब (भिखारी से)- अरे भई, मोटे तगड़े हो, कुछ काम क्यों नहीं करते?
भिखारी (वकील साहब से)- मैंने पैसे मांगे है, सलाह नहीं।


एक दिन बस में
मैं (जेबकतरे को)- तुम्हें शर्म नही आती, मेरी जेब काटते हो?
जेबकतरा (मुझसे से)- शर्म तो आपको आनी चाहिए जेब में एक पैसा भी नही रखते।

मंगलवार, 21 मई 2013

हंसने और गुदगुदाने का बहाना

इंटरनेट की दुनिया में कई मित्र बनते हैं तो कई शत्रु भी इस हिसाब से ये वास्तविक दुनिया से बहुत ज्यादा अलग नही है ।

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एक शादीशुदा आदमी का अपनी सेक्रेटरी के साथ अफेयर था।

एक दिन वो लोग डेट पर गए और एक साथ काफी समय बिताया जिसमें रात के 8 बज गए।

घर वापस जाते समय आदमी ने अपने जूते और कपड़े धूल और घास में रगड़ दिए।

घर पहुंचने पर पत्नी ने पूछा ‘इतनी देर क्यों हो गई, कहां थे आप?’

आदमी ने कहा, ‘मैं तुमसे झूठ नहीं बोल सकता हूं। मेरा एक अफेयर है और मैं अभी एक डेट से ही वापस आ रहा हूं।‘

पत्नी ने उसकी तरफ देखा और चिल्लाई, ‘झूठे, क्रिकेट खेल के आ रहे हो ना।‘
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सरेआम लड़की को छेड़ रहा था संता.........

संता लड़की को छेड़ते हुए: सोनिये, की हाल है?

लड़की गुस्से में: वही जो तेरी बहन का है!

संता हंसते हुए: अच्छा तो तुझे भी दस्त लगे हैं!

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प्रीतो: मेहमान आ रहे हैं और घर में दाल के सिवा कुछ भी नहीं है।

संता: जब मेहमान आएँ तो किचन में एक बर्तन गिरा देना, मैं पूछूं तो कहना कि शाही पनीर गिर गया... फिर दूसरा बर्तन गिराना और कहना कि बिरयानी गिर गई... मैं कहूंगा कि चलो दाल ही ले आओ।

मेहमानो के आने के बाद, रसोई से बर्तन गिरने की आवाज़ आई।

संता: क्या हुआ?
..
.
.
प्रीतो: कमबख़्त दाल ही गिर गई!
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तीनों दोस्त स्वर्ग के अंदर जा ही रहे थे कि यमदूत ने उन्हें रोका और कहा - स्वर्ग का दरवाजा ठीक कराना है। जरा तीनों अपना-अपना एस्टिमेट बताओ।

पाकिस्तानी बोला - नौ हजार रुपए।

यमदूत - यह कैसे?

पाकिस्तानी - 3 हजार का मटेरियल, 3 हजार मजदूरी और 3 हजार मुनाफा।

अब चीनी का अनुमान - तैतीस हजार। 11 हजार का मटेरियल, 11 हजार रुपए मजदूरी और 11 हजार मेरे मुनाफा।

प्रेमसुख लाल (इंडियन) - उनतीस हजार।

यमदूत - यार! यह कैसा एस्टिमेट है?

प्रेमसुख - सीधा-सा। 10 हजार मेरे, 10 हजार तुम्हारे और नौ हजार पाकिस्तानी ठेकेदार के। वह काम अच्छे से काम निपटा देगा।
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शेर एक बुढ़िया से: मैं तेरा खून पी जाऊंगा।

बुढ़िया: पीना है तो किसी जवान मर्द का पी उसका खून गरम होगा।

शेर : नहीं, मेरा आज Cold Drink पीने का मूड है।
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एक इंजीनियर, एमबीए और संता नाव में जा रहे थे। रास्ते में भूत ने नांव रोक ली।

भूतः समुद्र में कुछ ऐसा फेंको की मैं खोज न सकूं। मैंने खोज लिया तो तुम्हारी मौत नहीं खोज पाया तो मैं तुम्हारा गुलाम।

इंजीनियर ने सूई फेंकी, भूत ने खोजकर उसे मार दिया।

एमबीए ने अपने फोन का मेमोरी कार्ड फेंका, भूत ने उसे भी खोज लिया।

अब संता की बारी आई।

संता ने पानी में डिस्प्रिन की गोली फेंकी, भूत नहीं खोज सका।

संताः बहुत इंसानों को खा रहा था, चल घर चल अब बंतो के बेलन खाना।
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संता: पंजाब एक्सप्रेस कब आएगी?

टीटी: पांच बजे|

संता: लोकल?

टीटी: नौ बजे|

संता: मालगाड़ी?

टीटी: एक बजे, पर आपको जाना कहां है?

संता: कहीं नहीं,बस पटरी पर पोट्टी करनी थी !!
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एक लड़की महंगा परफ्यूम लगा कर लिफ्ट में आई और संता को देखकर बोली- कोबरा परफ्यूम, 6000 रुपए।

दूसरी लड़की आई और वह भी संता को देखकर बोली- ब्रूट परफ्यूम 7000 रुपए।

अचानक लिफ्ट रुक गई। दोनों लड़कियों ने अपनी-अपनी नाक पकड़ कर संता को देखने लगीं।

संता ने मुस्कुराते हुए कहा- मूली, 15 रुपए किलो!

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संता (बंता जी से)- क्या तुम्हें रात में मच्छर परेशान नहीं करते?

बंता - कतई नहीं।

संता - भला वो कैसे? मुझे तो बहुत परेशान करते हैं।

बंता - मैं रात को शराब पीकर जब बिस्तर पर लेटता हूं तो मच्छर मुझे घेर लेते हैं। पहले तो नशे की हालत में मुझे उनके काटने का पता ही नहीं चलता और जब मैं होश में आता हूं, वे नशे में धुत हो चुके होते हैं।
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एक लड़का बस स्‍टाप पर लड़की से कहता है "क्या आप मुझे अपनी Dairy Milk का एक टुकडा़ दे सकती हैं"?

लड़की लड़के से: "क्‍या मैं आपको जानती हूं"?

लड़का: " अरे... ड्रामा बंद कर, जल्‍दी से दे दे...अभी-अभी समोसा खा के आया हूं, मिर्ची लग रही है"!!!
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बेटा: मम्मी 'लव मैरिज' करने से घरवाले नाराज होते हैं क्या?

मम्मी : तू जरूर किसी चुड़ैल के चक्कर में होगा और यह सब तुझे उसी डायन ने कहा होगा। लड़कियां तो बस लड़कों को फंसाने में ही लगी रहती हैं। जहां अच्छा लड़का देखा शुरू हो गईं... बेटा तू इनसे बच के रहना। ये बहुत मक्कार और कमीनी होती हैं। और इनका तो खानदान भी.......

बेटा: बस मम्मी ... ऐसा कुछ नहीं है। वो तो डैडी बता रहे थे कि आप दोनों की लव मैरिज हुई थी
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एक लेडी तोते की दुकान में एक तोता खरीदने के लिए गई।

दुकानदार उस लेडी से: “ मेम यह तोता खरीद लीजिए, यह बिल्कुल इंसानों की तरह बोलता है।

लेडी हैरान होकर तोते से पूछती है: “ अच्छा फिर ये बताओ कि मैं तुम्हें कैसी लगती हूं ?

तोता: “ एक नंबर की कैरेक्टरलेस लगती हो।

लेडी को गुस्सा आ जाता है और वह दुकानदार से बोलती है: “ यह तोता तो गाली देता है ”।

दुकानदार उस लेडी से माफी मांगता है और उस तोते को अंदर ले जाकर खूब मारने लगता है, इस दौरान वह तोते से पूछता है: “ अब तो गाली नहीं देगा ”। तोता जवाब देते हुए: “ नहीं मालिक अब मैं गाली नहीं दूंगा।

तोते को मारने के बाद दुकानदार अंदर से बाहर आता है और लेडी से बोलता है.... लीजिए मैम ये तोता अब गाली नहीं देगा।

लेडी फिर से उस तोते से पूछती है: “ अगर मेरे घर में एक आदमी आए तो तुम क्या सोचोगे ”?

तोता: “ तुम्हारा पति होगा ”।

लेडी: “ अगर दो आदमी आए तो ”?

तोता: “ तुम्हारा पति और देवर”।

लेडी: “अगर तीन आदमी आए तो ” ?

तोता: “ तुम्हारा पति, देवर और भाई”।

लेडी: “ अगर चार हुए तो ”?

तोता डरकर दुकानदार की तरफ हाथ जोड़कर बोला: “ सर जी मैंने पहले ही बोला था कि यह कैरेक्टरलेस है”!!!
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संता ट्रेन में चढ़ने वाला था, तभी आकाशवाणी हुई मत चढ़, ट्रेन पलट जाएगी।

तब संता प्लेन से जाने लगा फिर से आकाशवाणी हुई कि प्लेन क्रैश हो जाएगा।

संता उतरा और बस में बैठने लगा तो फिर आकाशवाणी हुई कि बस खाई में गिर जाएगी!

झल्लाकर संता जी ने गुस्से में पूछा की आखिर तू है कौन?

आवाज आई....तेरा फरिश्ता..!!

संता जी चिल्लाए - साले, जब मैं घोड़ी पर चढ़ रहा था तब क्या तेरा गला बैठ गया था.....!!
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एक लड़का और लड़की डेट कर रहे थे।

लड़का- मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूं।

लड़की- क्या तुम मेरे लिए मर सकते हो?

लड़का- हां।

लड़की- क्या तुम मेरे लिए अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर सकते हो?

लड़का- बहन जी, आपके घर वाले परेशान हो रहे होंगे, आप घर जाइए।

बुधवार, 5 दिसंबर 2012

Hindi Jokes, हास्य-व्यंग्य, LATIFE/लतीफ़े, CHUTKULE,



1 - मालिक: तुम बाथरूम में क्यू घुस आए, क्या तुम्हे पता नही था की मैं नहा रहा हूँ?
नौकर: हज़ूर ग़लती हो गयी, में समझा था बेगम साहिबा है.

2 - टीचर: सच ओर वहम में क्या फ़र्क़ है ?
स्टूडेंट: आप जो हमें पढ़ा रही हैं वो सच है, लेकिन हम सब पढ़ रहे हैं ये आपका वहम है……..

3- लड़का: माँ, आज मेरा दोस्त घर आ रहा है….
घर के सब खिलोने छिपा दे.

माँ: तेरा दोस्त चोर है क्या?
लड़का: नहीं, वो अपने खिलोने पहेचान लेगा !

4- एक छोटा बच्चा बहुत देर से घर के बाहर खड़ा दरवाजे की घंटी बजाने की कॉसिश कर रहा था.तो एक बूढ़ा आदमी आया और कहा:
बूढ़ा आदमी: क्या कर रहे हो बेटा?
बच्चा: अंकल, यह घंटी बजाना चाहता हूँ.

बूढ़ा आदमी (घंटी बजi के): यह लो बज गया, अब क्या है?
बच्चा: अब भागो!

5- कस्टमर: मुझे फोन पेर धमकिया मिल रही है.
पोलीस: कौन है वो जो आपको धमकिया दे रहा है?
कस्टमर: टेलिफोन वाले बोलते है के, “बिल नही भरोगे तो काट देंगे.”

6 - लोग कहते हैं की खुदा ने आपको बड़ी फ़ुर्सत में बनाया है…
ठीक ही कहते हैं, फालतू काम फ़ुर्सत में ही तो किए जाते हैं.

7 - जो तुमको हो पसंद वोही बात कहेंगे,
तुम दिन को अगर रात कहो तो रात कहेंगे,
क्यूंकी… … “पागलो से बहस नही की जा सकती”….

8 - बहू का फर्स्ट अफेयर सुनने के बाद ससुर ने बहू को मारा!
2न्ड अफेयर पता लगने पर पति ने मारा!
लेकिन सास हर बार चुप रही!
क्यूँ??
.
क्यूंकी सास भी कभी बहू थी!

9 - टीचर: उसने खुद खुशी कर ली, उससे खुद खुशी करनी पड़ी, डिफरेन्स बताओ.

स्टूडेंट: पहले वाला पढ़ा लिखा बेरोज़गार था, दूसरा शादी शुदा था.

10 - एक बार एक तोता उड़ रहा था फुल स्पीड पर.
उसके सामने अचानक फुल स्पीड में एक फरारी आ रही थी, दोनो की टक्कर हुई…
तोता बेहोश होगा या, रास्ते में एक भिकारी था उसने तोता को उठाया और घर ले गया.
उसको मरहम लगाया और पिंजरे में रख दिया.
जब तोता को होश आया, उसने अपने आप को पिंजरे में देखा.

और बोला, “आईला … जेल …. वो फरारी का ड्राइवर मर गया क्या ??

शुक्रवार, 26 अगस्त 2011

125 करोड़ लोगों को मुर्ख बनानेवाली




एक दिन सोनिया गांधी के सपने में महात्मा गांधीजी आकर बोले, "मैने मरते समय कॉंग्रेस को सादगी, ईमानदारी, टोपी, चश्मा और डंडा दिया था, कहॉं है वो?" सोनियाने अत्यंत विनम्रतासे कहा, "टोपी तो राहुल लोगों को पहना रहा है. सादगी मेरे और प्रियंका के पास है. चश्मा मनमोहन के पास है. ईमानदारी स्विसऔर ईटली के बैंक में सेफ है और डंडा आम आदमी की सेवा में लगा रखा है. 


Dekho veer jawano apne khoon pe yeh ilzaam na aaye

सोमवार, 8 अगस्त 2011

LATIFE_08-08-11

लतीफ़े

वकील (अपराधी से)- एक जैसी भैंसों में से तुमने अपनी भैंस को कैसे पहचान लिया, ये बताओ?
अपराधी (वकील से)- ये कौन सी बड़ी बात है वकील साहब? इस कोर्ट में काले कोट पहने सैंकड़ों वकील हैं, फिर भी मैं अपने वकील को पहचान रहा हूं अथवा नहीं?
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संता (बंता से)- यह दो हजार का चेक किसे भेज रहे हो?
बंता (संता से)- अपने छोटे भाई को।
संता- लेकिन चेक पर तुमने हस्ताक्षर तो किये ही नही।
बंता- मैं अपना नाम गुप्त रखना चाहता हूं।
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मां ने बच्चे को डांटा- देखो तुम अपने आप किसी चीज को मत उठाया करो, क्या जुबान नही है?
बच्चा- जुबान तो है मम्मी, लेकिन मैं जुबान से कोई चीज उठा नही सकता।
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एक बहुत मोटा किशोर अपने मोटापे के कारण अत्याधिक चिन्तित रहता था। आत्महत्या करने के लिए वह शहर की एक ऊंची इमारत से कूद गया। वह गिरते ही बेहोश हो गया और अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जब उसे होश आया तो उसने डॉक्टर से पूछा- डॉक्टर साहब, क्या में मर गया हूं?
डॉक्टर ने कहा- तुम तो नहीं मरे लेकिन तुम्हारे नीचे दबकर तीन व्यक्ति जरूर मर गये हैं।
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पति (पत्नी से)- क्या तुम मेरी मौसी की तरह नौकरी कर सकती हो?
पत्नी (पति से)- क्यों नही कर सकती। पर शर्त यह है कि तुम भी अपने मौसा की तरह घर का चूल्हा-चौका सम्भालो।
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मां ने बच्चे को डांटा- देखो तुम अपने आप किसी चीज को मत उठाया करो, क्या जुबान नही है?
बच्चा- जुबान तो है मम्मी, लेकिन मैं जुबान से कोई चीज उठा नही सकता।
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मां (चिंटू से)- तुमने आज सुधीर से लड़ाई की जबकि मैंने तुमको कई बार समझाया है कि जब भी गुस्सा आए फौरन 100 तक गिनती गिनो।
चिंटू (मां से)- हां मां, मैं तो ऐसा ही कर रहा था पर सुधीर की मां ने उसे 50 तक ही गिनने को कहा था।
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मां (सोनू से)- तुम सारे दिन खेलते ही रहते हो, पढ़ते भी हो।
सोनू (मां से)- रात को पढ़ता हूं।
मां- रात को कब पढ़ते हो?
सोनू- जब सारे घर वाले सो जाते हैं तब अकेला बैठकर पढ़ता हूं।
मां- लेकिन रात को मैं दो बजे तक जागती रही, तू तो आराम से सो रहा था।
सोनू- कह तो दिया मां, जब कोई जागता नहीं, उसी समय ही मैं पढ़ा करता हूं।

मंगलवार, 5 जुलाई 2011

चवन्नी की मौत पर

25 PAISE/ चवन्नी 
मैं और मेरे जैसे देश के तमाम चवन्नी छाप आजकल भयानक राष्ट्रीय सदमें में हैं। सरकार ने अचानक चवन्नी की नस्ल को खत्म करने का जो जघन्य पराक्रम किया है उसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा। और इतिहास-वितिहास से हमें क्या लेना-देना। हम कोई हिस्ट्रीशीटर हैं क्या। हां, हम चवन्नीछाप लोग जरूर इस सरकार को कभी माफ नहीं करेंगे। समाज में ले-देकर टुटरूंटूं इक चवन्नीभर की हैसियत तो हुआ करती थी हमारी, सरकार ने उसकी भी वाट लगा दी। हमलोगों के पास अब क्या बचा रह गया। हम तो महाभारत के मणिविहीन अश्वत्थामा होकर रह गए हैं। चेहरे पर जो कभी चवन्नी की दिव्य चमक से हमारी शख्सियत दिव्य हुआ करती थी,वह चवन्नी ही हमसे छीन ली। बुरा हो इस सरकार का। महाबुरा हो। अरे जिस चवन्नी की सदस्यता के बूते पर कांग्रेस पार्टी ने देश को आजादी दिलाई थी उसी चवन्नी को कांग्रेस सरकार ने मिटा दिया। अरे आजादी का सनातन स्मारक थी हमारी- चवन्नी मगर सरकार ने उसे महज चवन्नी ही समझा। कहते हैं कि हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसीएशन के कमांडर इन चीफ पंडित रामप्रसाद बिस्मिल बड़ी शान से चंद्रशेखर आज़ाद और भगतसिंह-जैसे क्रांतिकारी सदस्यों को चवन्नी खर्चे के लिए दिया करते थे। और बड़े जतन से चवन्नी बचाकर भगतसिंह भैया सिनेमा देख आया करते थे आज वही चवन्नी हमसे छीन ली गई। क्या रुतबा हुआ करता था हमारी चवन्नी का। उसी चवन्नी का समूल नाश कर डाला इस जालिम सरकार ने। कभी मंदिरों में बैठे भगवान बाट जोहा करते थे इस चवन्नी की। कि भक्त आए और फटाक से चवन्नी चरणों में चढाए। रुपये-दस रुपए से भगवान का मन प्रसन्न नहीं होता था। जैसे ही उसमें चवन्नी जोड़कर सवा रुपया,सवा पांच रुपया और सवा ग्यारह का प्रसाद चढ़ाया कि मंदिर का मोगांबो खुश हुआ। सब चवन्नी का ही जलबो-जलाल था। एक ज़रा-सी चवन्नी में प्रभु की तबीयत झकास। लघुता से प्रभुता मिले। चवन्नी लघुता थी। भक्त और भगवान के बीच भक्ति का फेवीकोल जोड़ चवन्नी से ही लगता था। लेकिन नास्तिक सरकार ने वो चिपकू रसायन ही भक्तों से छीन लिया। ऐसा क्यों किया सरकार ने। लगता है राजीव गांधी ने कुघड़ी में ये जो डॉयलाग बोल दिया था ना कि रुपए में से सिर्फ चवन्नी ही जनता तक पहुंचती है सरकार ने उस डायलाग को दिल पे ले लिया। चवन्नी भर रह गई सरकार की इज्जत। सो मौका देखकर सरकार ने चवन्नी की गर्दन ही मरोड़ डाली। अब चवन्नी भी नहीं पहुंचेगी जनता तक। न रहेगा बांस ना बजेगी बांसुरी। एक अदना-सी चवन्नी की ये हिमाकत कि तमाम सरकारी सतर्कताओं के बावजूद वो जनता तक पहुंच जाए। अब चल के जाए। हमने उसका चलन ही बंद कर दिया। हां जिन भिखारियों को कभी भीख में एक चवन्नी पर ही गुजारा करना पड़ता था सरकार की इस कल्याणकारी योजना से उनका स्टेंडर्ड जरूर अचानक बढ़ गया। अब उनका मिनिमम वेज़ अठन्नी हो गया है। इसलिए देश के सभी इज्जतदार भिखारियों की दुआएं सकरार के साथ हैं। एक बात और कि सरकार बाबा रामदेव के बहकावे में कतई नहीं आई। बाबा भ्रष्टाचार मिटाने के लिए 500 और 1000 के नोट बंद करने की तुगलकी मांग पर अड़े हुए थे। और बड़ी चतुराई से चवन्नी को बचा लेना चाहते थे। सरकार ने भ्रष्टाचार की जड़ चवन्नी और बाबा दोनों पर ही चतुराई से प्रहार कर के एक तीर से दोनों को ही निबटा दिया। इधर चवन्नी बंद हुई और इधर बाबा चवन्नीछाप हो गए। अगर कहीं अन्ना हजारे प्रधानमंत्री के साथ चवन्नी को भी लोकपाल के दायरे में लाने की बात कर देते तो शायद पीएम के साथ-साथ बेचारी चवन्नी भी बच जाती।मगर हजारे साहब के साथ एक ही दिक्कत है कि वे महत्वपूर्ण मुद्दों को शरीक करने में हमेशा चूक जाते हैं। चवन्नी के महत्वपूर्ण मुद्दे को छोड़कर वो पीएम को लोकपाल के दायरे में लाने के फालतू मुद्दे को उछालकर अपना और सरकार दोनों का टाइम खोटी कर रहे हैं। अपुन को तो इसी में संतोष है कि सरकार ने सिर्फ चवन्नी का सफाया किया है। चवन्नीछाप लोगों पर अभी हाथ नहीं डाला है। वरना अपुन तो कहीं के नहीं रहते।