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बुधवार, 21 मार्च 2012

खा-खाकर कर हो जाएं पतले



वजन कम करना या कंट्रोल में रखना आसान काम नहीं है। इसके लिए न जाने क्या-क्या जतन करने पड़ते हैं। सबसे ज्यादा जोर डाइटिंग पर होता है लेकिन यह वजन कम करने का सही तरीका नहीं है। डाइटिंग से बेहतर है सही डाइट, जिसके जरिए आप वजन कंट्रोल में रख सकते हैं और अच्छी सेहत भी पा सकते हैं। कैसे-
वजन कम करने का जिक्र आते ही सबसे पहले दिमाग में आती है डाइटिंग, लेकिन एक्सपर्ट इसे सही तरीका नहीं मानते। इससे बेहतर है, वक्त पर सही डाइट लेना। डाइटिंग से आंखों के नीचे काले घेरे, स्किन का बेजान और ढीला होना, बाल झड़ना, मेमरी कम होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

वजन घटाने के लिए भूखे रहना या पूरी तरह खाना छोड़ना सही नहीं है। सही वक्त पर, सही खाना ही वजन घटाने का सही फंडा है। सो, जब भी वजन कम करने की सोचें, बेशक खूब खाएं, बार-बार खाएं, पर हेल्दी और कम कैलरी वाली चीजें खाएं।

कैसा हो खाना
वजन कम करना चाहते हैं तो ऐसा खाना खाएं, जिसमें फैट कम हो और प्रोटीन व फाइबर ज्यादा हो। एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट में चार कैलरी होती हैं, जबकि एक ग्राम फैट नौ कैलरी देता है। साथ ही हाई फाइबर डाइट पचने में ज्यादा वक्त लेती है। इससे बॉडी को धीरे-धीरे ग्लूकोज मिलता है और देर तक पेट भरे होने का अहसास होता है। ज्यादा कैलरी वाली चीजों के अलावा हाई ग्लाइसिमिक इंडेक्स यानी वे खाने जो शरीर में जाकर जल्दी ग्लूकोज में बदलते हैं, नहीं खाने चाहिए।

इनमें प्रमुख हैं मैदा, सूजी, सफेद चावल, वाइट ब्रेड, नूडल्स, पित्जा, बिस्कुट आदि। खाना जितना जल्दी शुगर में बदलेगा, बॉडी में उतना ज्यादा फैट आएगा। इसके बजाय लो ग्लाइसिमिक इंडेक्स वाले खाने जैसे हरी सब्जियां, सोया, मूंग दाल, काला चना, राजमा, ब्राउन राइस, अंडे का सफेद हिस्सा आदि खाना चाहिए। इसे इस तरह भी समझ सकते हैं। एक कटोरी दाल में अगर सौ कैलरी हैं तो बॉडी में डाइजेस्ट होते-होते 30 कैलरी रह जाएंगी। वहीं, अगर एक कटोरी खीर खाएंगे तो उसमें कैलरी तो ज्यादा होंगी ही, साथ ही वे सीधे फैट बन जाएंगी।

वजन कम करने का सही तरीका यह है कि अगर हम एक्सरसाइज नहीं कर पा रहे हैं तो हेल्दी खाने के जरिए अपनी डाइट में से रोजाना 500 कैलरी कम कर दें। इससे हफ्ते में आधा किलो वजन कम हो सकता है। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं - दो परांठों की बजाय दो रोटी खाएं, खाने के बाद मिठाई न खाएं या फिर शाम को स्नैक्स में समोसे के बजाय मुरमुरे की नमकीन खाएं, तो आप आसानी से 400-500 कैलरी कम कर सकते हैं।

क्या खाएं और क्यों
- ताजा सलाद, स्प्राउट्स, घर में बना सूप, वेज सैंडविच आदि खाएं। सलाद में क्रीम या म्योनिज और रेडी-टु-कुक सूप से बचें क्योंकि इनमें कैलरी काफी ज्यादा होती हैं। सैंडविच होल-वीट या ब्राउन ब्रेड का बनाएं और उसमें बटर या म्योनिज की जगह पुदीना और आंवले की चटनी ले सकते हैं। यह चटनी इम्युनिटी बढ़ाती है। मौसमी सब्जियों की स्टफिंग भी कर सकते हैं।

- फ्रूट्स और सब्जियों ज्यादा खानी चाहिए क्योंकि इनमें एंटी-ऑक्सिडेंट काफी होते हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाते हैं।

- सब्जियां मिलाकर या भरकर रोटियां बनाएं। भरवां परांठे खाने की बजाय भरवां रोटी खाएं। इससे एक्स्ट्रा फैट से बचेंगे और सब्जियां भी पेट में जाएंगी।

- ढोकला, इडली, उपमा, पोहा आदि खाएं। इनमें दाल, चावल और नीबू आदि होते हैं, जो प्रोटीन और विटामिन-सी से भरपूर होते हैं।

- ग्रीन टी पिएं। इसमें एंटी ऑक्सिडेंट होते हैं, जो दिल के लिए फायदेमंद हैं। यह वजन कम करने में भी मदद करती है। दिन में तीन-चार बार ग्रीन टी ले सकते हैं।

- सुबह उठकर नीबू-पानी लेना चाहिए। हालांकि कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि इससे वजन कम होता है या नहीं, लेकिन यह बॉडी को डिटॉक्स जरूर करता है। इसमें नमक या चीनी की बजाय थोड़ा-सा शहद डाल सकते हैं।

- मौसमी फल खाएं। इनमें मौजूद फाइबर की मदद से वजन कम होता है। पैक्ड जूस नहीं पिएं क्योंकि उसमें शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है।

- नॉर्मल आटे से बेहतर है चोकर वाले आटे का इस्तेमाल। पैक्ड आटे में चोकर नहीं होता, इसलिए मार्केट में ब्रैन नाम पैक्ड चोकर मिलता है। उसे आटे में मिला लें। चार हिस्से आटे में एक हिस्सा ब्रैन मिला लें। इससे पाचन बेहतर होता है।

किसकी बजाय क्या खाएं
वाइट ब्रेड सैंडविच के बदले होल वीट या ब्राउन ब्रेड
भरवां परांठा के बदले भरवां रोटी
पुलाव/बिरयानी/वाइट राइस के बदले ब्राउन राइस (मांड निकला)
समोसे/पकौड़े के बदले इटली/उपमा/पोहा
मिठाई के बदले गुड़/सूखे मेवे
कोल्ड ड्रिंक के बदले नारियल पानी/नीबू-पानी
दूध वाली चाय के बदले हर्बल टी/ लेमन टी
फुल क्रीम दूध के बदले डबल टोंड दूध
जूस के बदले संतरा/मौसमी
मीठी लस्सी के बदले छाछ
पनीर के बदले पनीर (टोंड मिल्क से बना)/टोफू
अंडा (फुल) के बदले अंडे का सफेद हिस्सा

इन्हें भी आजमाएं - कई बार हमारा दिमाग पहचान नहीं पाता कि भूख है या प्यास। ऐसे में जब भी भूख लगे, एक गिलास पानी पी लें। अगर फिर भी भूख लगे तो कुछ खा लें। इससे खाने का हिस्सा कम हो जाता है और पेट के भरे होने का अहसास भी होता है।

- तीन बार खाना न खाकर, पांच या सात बार खाएं। ध्यान रहे कि मेन मील कभी वजन नहीं बढ़ाता। बीच-बीच में जो खाते हैं, वही वजन बढ़ाता है। स्नैक्स हमेशा हेल्दी खाएं क्योंकि इससे देर तक पेट भरे होने का अहसास होता है।

- बहुत ज्यादा भूख लगने से पहले कुछ खा लें। मसलन रात 8 बजे डिनर का इंतजार करने से अच्छा है 7 बजे कोई फल खा लेना।

- खाना खाने के 20 मिनट बाद दिमाग को पेट भरे होने का मेसेज मिलता है और उसके बाद ही भूख शांत होने का अहसास होता है, इसलिए धीरे-धीरे और चबा-चबाकर खाएं।

- वजन घटाने के लिए कुकिंग का तरीका बदलना बहुत जरूरी है। डीप फ्राई से बचें और खाने में तेल की मात्रा कम करें। खाना जितना मुमकिन हो, भाप में पकाएं।

- फैट कम लें, लेकिन पूरी तरह बंद न करें। विटामिन ए, डी, ई और के फैट में ही घुलते हैं। विटामिन ए स्किन और आंखों के लिए, विटामिन ई स्किन के लिए और ब्लड क्लॉटिंग (खून बहने से रोकना) के लिए विटामिन के होता है। थोड़ी मात्रा में अच्छे फैट (ऑलिव ऑयल, मूंगफली का तेल, कनोला का तेल) आदि ले सकते हैं।

- डिनर और सोने के बीच दो-ढाई घंटे का फासला होना चाहिए, वरना पेट पर फैट जमा हो जाता है। रात में हैवी कार्बोहाइड्रेट जैसे आलू, चावल, अरबी, जिमीकंद आदि न लें।

ये जरूर खाएं
खट्टे और मौसमी फल : संतरा, मौसमी, नीबू और आंवला जैसे फल-सब्जियां विटामिन सी से भरपूर होते हैं और वजन कम करने में मदद करते हैं क्योंकि विटामिन सी में फैट को डाइल्यूट करने और आसानी से शरीर से निकालने की क्षमता होती है। आंवला मेटाबॉलिाम बढ़ाता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।

सेब, बेरी आदि फल : सेब में पेक्टिन नामक केमिकल होता है। सेब के साथ-साथ ज्यादातर सभी फलों के छिलकों में पेक्टिन पाया जाता है। यह फैट को अब्जॉर्ब करता है।

सोयाबीन : सोयाबीन में मौजूद लेसिथिन केमिकल सेल्स पर फैट जमा होने से रोकता है। हफ्ते में कम-से-कम तीन बार सोयाबीन खाने से शरीर में फैट से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। इसे सब्जी या चावल आदि में डालकर खा सकते हैं। सोयाबीन क्रंच से उपमा या भुर्जी भी बना सकते हैं।

लहसुन : लहसुन का रस शरीर में मौजूद फैट्स को कम करने में मददगार है। लहसुन कच्चा खाएं और चबाकर खाएं तो बेहतर है।

ड्राई फ्रूटस : मुट्ठी भर नट्स रोज खाने चाहिए। इनमें बादाम, किशमिश, अखरोट और पिस्ता ले सकते हैं। लेकिन ये फ्राइड न हों और इनमें नमक भी नहीं होना चाहिए। बादाम बड़ी गिरी वाले लें क्योंकि इनमें तेल कम होता है। वैसे छोटी गिरी वाले मामड़ बादाम को बेहतरीन माना जाता है क्योंकि इसमें अच्छे ऑयल होते हैं लेकिन अगर वजन कम करने के लिहाज से खाना चाहते हैं तो बड़ी गिरी का बादाम खाना चाहिए। डायबीटीज और कॉलेस्ट्रॉल के मरीजों को भी बड़ी गिरी का बादाम खाना चाहिए। अखरोट में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 होते हैं। काजू न लें। उनमें फैट ज्यादा होता है, जो कॉलेस्ट्रॉल बढ़ाता है।

कितनी चीनी और नमक
नमक शरीर में पानी को रोकता है, इसलिए ज्यादा नमक से बचना चाहिए। दिन भर में पांच ग्राम (करीब एक चम्मच) नमक काफी होता है। इसमें सब्जी आदि में डाला गया नमक भी शामिल है। लेकिन आमतौर पर लोग इससे ज्यादा ही नमक खाते हैं। तो भी दो चम्मच नमक से ज्यादा बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। कोशिश करें कि रात में 10 बजे के बाद नमक न लें। सलाद, रायता, ड्राई-फ्रूट्स, नीबू-पानी आदि में नमक से परहेज करें और टेबल सॉल्ट से दूर रहें। चीनी भी ज्यादा नहीं खानी चाहिए क्योंकि 5 ग्राम (1 चम्मच) चीनी में 20 कैलरी होती हैं।

टॉप 5 गलतियां, जो बढ़ाती हैं वजन 1. कम बार खाना, पर खूब खाना
कुछ लोगों को लगता है कि बार-बार खाने से बेहतर है, दिन में सिर्फ तीन बार खाना। ऐसे में ज्यादा भूख लगती है और लोग ज्यादा कैलरी ले जाते हैं। मसलन अगर ब्रेकफास्ट सुबह 9 बजे और लंच दोपहर 2 बजे लेंगे तो भूख ज्यादा लगेगी और लंच में ज्यादा खाना खाएंगे। बीच में 11 या 11:30 बजे अगर फल या ड्राइफ्रूटस या कोई और हेल्दी चीज खा लेंगे तो लंच में खाना कम खाएंगे। थोड़ी-थोड़ी देर में खाते रहने से एनर्जी जमा नहीं होती क्योंकि आपने जो पहले थोड़ा खाया होता है, उससे मिलनेवाली एनर्जी आप खर्च कर चुके होते हैं। साथ ही खाने को पचाने के लिए कैलरी की जरूरत होती है। कई बार खाने से ज्यादा कैलरी इस्तेमाल होती हैं। इससे बॉडी में ग्लूकोज के संतुलन के साथ-साथ मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है। हेवी डिनर भी वजन बढ़ने की अहम वजहों में से है। रात में हल्का खाना खाएं।

2. खाने के बाद मीठा
हममें से ज्यादातर लोगों के घर में खाने के बाद मीठा खाने का चलन है। यह कॉम्बिनेशन और कैलरी, दोनों लिहाज से गलत है। गलत कॉम्बिनेशन इसलिए कि भारी कार्बोहाइड्रेट या फैट के बाद शुगर नहीं खाना चाहिए। साथ ही मिठाई में मौजूद खूब सारी कैलरी सेहत के लिए और नुकसानदेह हैं। अगर खाने के बाद मीठा खाने का बहुत मन है तो गुड़ खा सकते हैं, लेकिन कम मात्रा में। गुड़ में मौजूद आयरन सेहत के लिए अच्छा है। सौंफ और किशमिश ले सकते हैं। सौंफ खाना पचाने में मदद करती है और किशमिश सीधे ग्लूकोज में नहीं बदलती। मीठा खाने का मन करे तो कोई मीठा फल खा सकते हैं लेकिन दोनों के बीच फासला रखें क्योंकि खाने के फौरन बाद फल नहीं खाना चाहिए। इससे गैस बनती है। साथ ही, हाइ कैलरी फ्रूट जैसे चीकू, केला, लीची, आम आदि न खाएं। पपीता, तरबूज या खरबूज खा सकते हैं।

3. बिंज ईटिंग की आदत
एक टॉफी या चॉकलेट से क्या होता है, यह बात अक्सर लोग एक-दूसरे को बोलते हैं, लेकिन यही छोटी-छोटी चीजें हमारे मोटापे की वजह बनती हैं। हाई कैलरी स्नैकिंग (पकौड़े, समोसे, नमकपारे, नमकीन, बिस्कुट आदि) और बिंज ईटिंग (बीच-बीच में छुटपुट खाना) की आदत वजन बढ़ने की बड़ी वजहों में से हैं। जो लोग चॉकलेट के शौकीन हैं, वे डार्क चॉकलेट की बजाय वेफर वाली चॉकलेट खाएं। हालांकि वेफर वाली सबसे छोटी चॉकलेट में भी करीब 125 कैलरी होती हैं, जो डेढ़ रोटी के बराबर हैं। ड्राई-फ्रूट्स वाली छोटी चॉकलेट में कैलरी और ज्यादा होती हैं। एक मीठे बिस्कुट में भी करीब 50 कैलरी होती हैं। स्नैक्स और खाने के बीच बिंज ईटिंग से बचना चाहिए। स्नैक्स में मुरमुरे, रोस्टेड (भुने हुए) स्नैक्स या नॉर्मल पॉपकॉर्न (पैक्ड नहीं) ले सकते हैं।

4. वीकएंड पर दावत
कई लोग हफ्ते में पांच-छह दिन डाइटिंग करते हैं, मसलन लिक्विड डाइट पर रहते हैं, सिर्फ फल या सब्जी खाते या प्रॉपर डाइट फॉलो करते हैं लेकिन वीकएंड पर जमकर खाते हैं। उन्हें लगता है कि एक दिन खाने से क्या फर्क पड़ता है। यह सही नहीं है। इससे पूरे हफ्ते का संयम बेकार जाता है और एक ही दिन में हफ्ते भर में कम की गईं कैलरी शरीर में लौट आती हैं। इससे बेहतर है पूरे हफ्ते अच्छी और बैलेंस्ड डाइट लें, जिसमें कैलरी और फैट कम हो लेकिन न्यूट्रिशन भरपूर हो।

5. शुगर-फ्री या डाइट आइटम
आजकल शुगर-फ्री या डाइट डिंक्स/आइटम फैशन में हैं। बहुत-से लोग नेचरल शुगर न लेकर शुगर-फ्री लेते हैं। थोड़े-बहुत दिन के लिए ऐसा किया जा सकता है लेकिन लंबे वक्त तक शुगर-फ्री लेना सेहत के लिए अच्छा नहीं है। शुगर-फ्री या डाइट फूड आइटम्स में आर्टिफिशल चीजें होती हैं। साथ ही शुगर-फ्री डालने के बाद भी केक, चॉकलेट आदि में मैदा, अंडा, क्रीम आदि के जरिए अच्छी-खासी कैलरी होती हैं।

वेट लॉस के फर्जी फंडों की असलियत



बढ़ते वजन से परेशान होकर लोगबाग तरह तरह के हथकंडे अपना कर वेट लॉस करना चाहते हैं। वेट लॉस के लिए लोग एक्सरसाइज से लेकर खुद को भूखा मारने की डाइट भी लेने से परहेज नहीं करते। लेकिन इसका नतीजा वेट लॉस न होकर कुछ और ही निकलता है। दरअसल जानकारी और तथ्यों के अभाव में लोग सुने सुनाए फंडों पर अमल करते हैं और पछताते हैं। वेट लॉस के ऐसे ही कुछ फर्जी फंडे और उनसे जुड़ी तथ्यात्मक सच्चाई।

ज्यादा पानी पीने से मोटे होते हैं

गलत धारणा। दरअसल कम पानी से वजन भी बढ़ता है और बॉडी की शेप भी खराब होती है। पर्याप्त पानी के अभाव में शरीर में जमा खाना सही तरीके से नहीं पच पाता और चयापचय प्रक्रिया बाधित होती है। पर्याप्त पानी पीने से वजन नहीं बढ़ता बल्कि शरीर में जमा फालतु चर्बी यूरिन के जरिए बाहर निकलती रहती है। पानी न होने पर यही चर्बी आपकी जांघों और कूल्हों पर जम जाती है।

वेटलिफ्टिंग से वजन कम होगा

गलत धारणा। वेटलिफ्टिंग से कोई पतला दुबला नहीं होता। इससे केवल आपको धकान होगी। अगर डायरेक्ट फैट घटाना है तो सबसे पहले रोज कार्डियो एक्सरसाइज करें। यदि कुछ दिनों में वजन कम होने के आसार दिखें तो उसी वजन को मेंटेन करने के लिए अपने जिम प्रशिक्षक से पूछकर वेटलिफ्टिंग करें। वेटलिफ्टिंग दरअसल शरीर को पुष्ठ बनाने के लिए की जाती है न कि वजन घटाने के लिए। इसकी बजाय अगर आप कुछ एक्सरसाइज करें तो आप कुछ वजन कम कर पाएंगे।

केवल फल खाने से कम होगा वजन

गलत धारणा। दिन भर केवल फल खाने से आपको वजन कम लग सकता है क्योंकि खाली फल खाने से शरीर में पानी की कमी होगी और देखने में वजन कम होगा। लेकिन यह वजन कम होना नहीं है। दूसरी बात यदि आप केवल फल ही खा रहे हैं तो ध्यान रखिए कि आपके शरीर में कार्बोहाइड्रेड की अधिकता हो रही है। एक स्तर के बाद यह कार्बोहाइड्रेड भी शरीर में जमा होने लगेगा और आपका वजन बढ़ेगा। इसके अलावा कुछ फल जैसे सेब में फ्रुकटोज (शुगर) ज्यादा होता है, इन्हें ज्यादा खाने से आपका वजन घटने की बजाय बढ़ जाएगा।

वेट लॉस के लिए फैटी फूड को ना

गलत धारणा। दरअसल हमारे शरीर में विटामिन्म के घुलने के लिए बॉडी फैट की जरूरत पड़ती है। सर्दियों में शरीर के तापमान को गर्म रखने के लिए भी यही बॉडी फैट काम करती है। ऐसे में यदि हम बॉडी फैट नहीं लेंगे तो शरीर बीमार पड़ जाएगा। इसलिए बॉडी फैट के कुछ फूड लेने ही चाहिए। इन फैटी फूड्स में समोसे, कचोड़ी, पिज्जा, बर्गर जैसी कई चीजें शामिल हैं। यानी कि ये फैटी फूड भी आपके शरीर के लिए जरूरी है। इनको हमेशा के लिए अलविदा न कहिए।

वॉकिंग से वेट लॉस होता है

पूरी तरह सही नहीं। दरअसल वॉकिंग एक अच्छी एक्सरसाइज है लेकिन यह तभी लाभदायक है जब इसके साथ हैल्दी डाइट भी ली जाए। हां यदि चाहें तो एरोबिक एक्सरसाइज से वजट घटा सकते हैं लेकिन इसके लिए वॉकिंग की सही स्पीड और तरीका पता होना चाहिए। रोज थोड़ी चहलकदमी खाना पचाती है और यह सबसे लाभदायक है। यदि आप तेज वॉक नहीं कर सकते तो धीरे धीरे आधा घंटा रोज घूमना भी वजन को नियंत्रित कर सकता है।

दिन में एक बार भोजन से वेट लॉस

बिलकुल गलत धारणा। दरअसल दिन में एक बार खाने से हमारी बॉडी स्टारवेशन मोड (भुखमरी) में चली जाती है। ऐसे में जब हम कुछ खाते हैं तो वो तुरंत बॉडी फैट में तब्दील होकर चर्बी के रूप में स्टोर हो जाता है। यह भोजन हमारे मेटाबोलिज्म को भी धीमा कर देता है और हमारा वजन कम होने की बजाय बढ़ जाता है। अगर आप एक ही बार खाना खाएंगे तो भूख से ज्यादा खाएंगे और पाचन करने में भी समय लगेगा। ऐसे में पेट में ठूंसा गया खाना चर्बी के रूप में शरीर पर जमा हो जाएगा।

कमजोर पाचन शक्ति वेट लॉस नहीं होता

बिलकुल गलत धारणा। दरअसल हर शरीर का अलग अलग स्तर का मेटाबालिज्म यानी पाचन ‌प्रक्रिया होती है। खास बात ये है कि ये वजन पर निर्भर करती है। जिसका जितना ज्यादा वजन होगा, पाचन प्रक्रिया उतनी ही मजबूत होगी। मतलब मोटे लोगों का मेटाबालिज्म ज्यादा मजबूत होता है और वो ज्यादा तेजी से वजन घटा सकते हैं। ऐसा देखा गया है कि मोटे लोग तेजी से ‍वेट लॉस कर पाते हैं जबकि पतले लोग वेट लॉस करने में समय लेते हैं।

नॉनवेज खाने से तेजी से घटेगा वजन

गलत धारणा। जबकि सच्चाई ये है कि नॉनवेज में खास पोषक तत्व नहीं होने के साथ साथ सेचुरेटेड फैट भी भारी मात्रा में होता है और इससे तेजी से वजन बढ़ता है। हाल ही में कराई गई एक सर्च के अनुसार वेज खाने वाले नॉनवेज खाने वालों की तुलना में 30 फीसदी ज्यादा वेट लॉस करते हैं। यही नहीं शाकाहारी लोगों के शरीर में बेड कोलेस्ट्रोल कम होता है और गुड कोलेस्ट्रोल बढ़ता है जबकि मांसाहारियों के संबंध में ऐसा नहीं होता।

थायरा‌इड के रोगी वेट लॉस नहीं कर पाते

बिलकुल गलत धारणा। थायराइड से पीड़ित लोग भी वेट लॉस कर सकते हैं। बर्शते वे अपनी दवा बंद न करें। पिछले दिनों डॉक्टरों ने थायराइड से पीड़ित 24 साल के व्यक्ति का 92किलो वजन कम कराया और वो भी महज 14 दिन में। इसलिए यदि आप थायराइड से पीड़ित हैं तो भी दवा के साथ साथ वजन कम करने की प्रक्रिया आरंभ कर सकते हैं। दरअसल रोग कोई भी हो नियमित दिनचर्या में उस रोग की दवा खाते हुए अपने डॉक्टर की सलाह पर आप वजन कम करने का काम आरंभ कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी जरूरी है।

नॉनवेज खाने से तेजी से घटेगा वजन

गलत धारणा। जबकि सच्चाई ये है कि नॉनवेज में खास पोषक तत्व नहीं होने के साथ साथ सेचुरेटेड फैट भी भारी मात्रा में होता है और इससे तेजी से वजन बढ़ता है। हाल ही में कराई गई एक सर्च के अनुसार वेज खाने वाले नॉनवेज खाने वालों की तुलना में 30 फीसदी ज्यादा वेट लॉस करते हैं। यही नहीं शाकाहारी लोगों के शरीर में बेड कोलेस्ट्रोल कम होता है और गुड कोलेस्ट्रोल बढ़ता है जबकि मांसाहारियों के संबंध में ऐसा नहीं होता।